अपनी बात कहिए और सबकी आवाज़ बनिए
आपबीती अगर आप लड़की/महिला हैं तो आपकी जिंदगी में पैदा होने से लेकर बड़े होने तक ऐसे कई हादसे होते हैं, जो लड़कों/ मर्दों को नहीं झेलने पड़ते। हादसे दर हादसे… कई बार हादसे सहने की आदत डाल देते हैं। कई बार ऐसा भी लगता है कि लड़कियों की जिंदगी यानी हादसों की जिंदगी है। सड़क पर चलते कोई फिकरा कसता है या दुपट्टा खींचता है या टकराते हुए निकल जाता है या ऑटो/टेम्पो/बस More...
मैं सफीना हुसैन हूं! मैं टीम बालिका हूं!!
राजस्थान में पाली और सीहोर के सैकड़ों गांव आज इस मायने में बदले हुए More...
अनचाही मुसलमान बेटियाँ: जमीनी हकीकत
कई लोगों को लगता है कि इस तरह की टिप्पिणियाँ या रपट खामख्वाह के मुद्दे More...
… और जब उन गायब बेटियों से पूछा जाएगा (Declining sex ratio among the Muslims-1)
और जब उन गायब बेटियों से पूछा जाएगा नासिरूद्दीन हैदर खाँ ‘..और (इनका More...
बिन मारे बैरी मरै, या सुख कहाँ समाय
लोगों के नजरिये में है बेटियों के न होने का ‘उत्सव’ जितना सुख खेत More...
Conditions of women prisoners in the jails of Jharkhand
On the conditions of women prisoners in the jails of Jharkhand An all India women’s team had lately visited various More...
तालिबान के खिलाफ़ गुल मकई उर्फ मलाला युसूफ़ज़ई
नासिरूद्दीन
12-13 साल की ही एन फ्रैंक थी। दूसरे महायुद्ध के दौरान फासीवादी हिटलर की सेना से...
मैं सफीना हुसैन हूं! मैं टीम बालिका हूं!!
राजस्थान में पाली और सीहोर के सैकड़ों गांव आज इस मायने में बदले हुए हैं कि...
मन पर वार करती है हिंसा
बच्चे-बच्चियों की खातिर हिंसा से करें तौबा नासिरूद्दीन ढाका। घर में होने वाली हिंसा महिलाओं-बच्चे और...
… और जब उन गायब बेटियों से पूछा जाएगा (Declining sex ratio among the Muslims-1)
और जब उन गायब बेटियों से पूछा जाएगा नासिरूद्दीन हैदर खाँ ‘..और (इनका हाल यह है कि) जब इनमें से किसी..राजनीति में धर्म का दखल नहीं होना चाहिए
इस्लामी विद्वान, ‘सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसायटी एण्ड सेक्युलरिज्म’ के प्रमुख और देश में फिरकापरस्ती के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों..एक लड़की की शादी
नासिरूद्दीन जहन में एक बात हमेशा कौंधती है, क्या लड़की की जिंदगी का सारा सफर शादी पर ही खत्म होता है। ..बेटी पढ़ेगी तो…
एक) बेटी पढ़े्गी तो समझेगी दुनिया। बनेगी खुद मुख्तार फिर खुद लिखेगी अपनी तकदीर और तय करेगी अपना सफर ………………………. दो)..अपनी बात कहिए और सबकी आवाज़ बनिए
आपबीती अगर आप लड़की/महिला हैं तो आपकी जिंदगी में पैदा होने से लेकर बड़े होने तक ऐसे कई हादसे होते हैं,..
तालिबान के खिलाफ़ गुल मकई उर्फ मलाला युसूफ़ज़ई
नासिरूद्दीन 12-13 साल की ही एन फ्रैंक थी। दूसरे महायुद्ध के दौरान फासीवादी हिटलर की सेना से छिपने-छिपाने के दौरान वह एक..
अपनी बात कहिए और सबकी आवाज़ बनिए
आपबीती अगर आप लड़की/महिला हैं तो आपकी जिंदगी में पैदा होने से लेकर बड़े होने तक ऐसे कई हादसे होते हैं,..






















