सहती है क्यों औरत?
छह) तुम पूछते हो सहती है क्यों औरत? जवाब क्यों नहीं देती? … ‘‘पिता-पति-पुत्र ही हैं स्त्री के रक्षक बाप-शौहर-बेटा है निगहबान इसका खानदान More...
… पोती नहीं होगी आपको ?
पाँच) जी हाँ बेटा है आपका पगड़ी आपकी सलामत बेटा पैदा करने की पूरी कीमत वसूलेंगे आप माँगेंगे More...
‘सुंदर-सुशील-संस्कारी’ बहू!
तीन) अकड़ते हो घमंड में चूर। नहीं थकते शेखी बघारते अपने को ‘मर्द’ कहते हो पर बड़े More...
कुछ मर्दों के साथ भी हिंसा होती है लेकिन …
इसकी तुलना महिला के खिलाफ होने वाली हिंसा से कतई नहीं की जा सकती नासिरूद्दीन ढाका। More...
महिला आंदोलन की जरूरत है मर्दों की भागीदारी
आंदोलन को ही आगे बढ़ाएगी मर्दों की साझेदारी नासिरूद्दीन ढाका। बराबरी के लिए और हिंसा More...
मन पर वार करती है हिंसा
बच्चे-बच्चियों की खातिर हिंसा से करें तौबा नासिरूद्दीन ढाका। घर में होने वाली हिंसा More...
सामाजिक-आर्थिक गैरबराबरी में है हिंसा की जड़ें
पिछले दिनों बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जेण्डर समानता और हिंसा रोकने में मर्दों More...
मर्दानगी ही सीखनी है तो महात्मा गांधी से क्यों नहीं सीखते
महिला हिंसा खत्म करने को मर्दो का साथ जरूरी नासिरूद्दीन ढाका। ‘‘महिलाओं ने हिंसा More...
घायल पंखों की ऊँची उड़ान
नवीन जोशी शायद आपने फ्लेविया एग्निस का नाम सुना हो या उन्हें जानते भी हों। वे मुंबई More...
हिंसा के खिलाफ एक औरत का संघर्ष और जीत
मशहूर वकील और महिला अधिकार कार्यकर्ता फ्लेविया एग्निस की आत्मकथा का हिन्दी अनुवाद More...










