… पोती नहीं होगी आपको ?
कविता, घरेलू हिंसा Domestic Violence, जेण्डर जिहाद Gender Jihad, नासिरूद्दीन Nasiruddin, हिंसा के खिलाफ मर्द Add commentsपाँच)
जी हाँ
बेटा है आपका
पगड़ी आपकी सलामत
बेटा पैदा करने की पूरी
कीमत वसूलेंगे आप
माँगेंगे दहेज और कहेंगे
‘बेटी है आपकी
जो है उसी का है’
कम लाई तो ताना देंगे
मारेंगे..
सच है कि बेटा ही है आपका
बेटी का बोझ न खौफ।
पर क्या गारण्टी इसकी
पोती नहीं होगी आपको…


October 12th, 2009 at 8:54 pm
पर क्या गारण्टी इसकी
पोती नहीं होगी आपको…
पोती हुई तो बहु की ग़लती
अच्छी कविता
शुक्रिया
काशिफ
October 13th, 2009 at 2:28 pm
Poti kyon na ho! yeh kaun tay karega.
October 13th, 2009 at 9:25 pm
Good poem
March 24th, 2010 at 9:06 pm
bahut khoob